UTTARAKHAND : सरकारी सेवाओं में विवाहित कर्मचारियों के लिए नई पहल, UCC पोर्टल पर विवाह पंजीकरण अनिवार्य

उत्तराखंड सरकार ने सरकारी सेवाओं में कार्यरत सभी विवाहित कर्मचारियों के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। राज्य के मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आदेश जारी किया है कि अब सभी कर्मचारियों को यूसीसी पोर्टल (Unified Couples Registration Portal) पर अपने विवाह का पंजीकरण अनिवार्य करना होगा। यह कदम सरकारी कर्मचारियों के विवाह पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विवाहित कर्मचारियों के लिए पंजीकरण की अनिवार्यता
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जिन सरकारी कर्मचारियों का विवाह 26 मार्च 2010 के बाद हुआ है, उन्हें यूसीसी पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। यह आदेश पूरे राज्य के सरकारी विभागों पर लागू होगा, और इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के विवाह संबंधी डेटा को एक केंद्रीय पोर्टल पर इकट्ठा करना है, जिससे प्रशासनिक कार्यों को आसान और त्वरित बनाया जा सके।
इस निर्णय के अनुसार, हर विभाग को अपने कर्मचारियों का समयबद्ध पंजीकरण कराना होगा। संबंधित विभागों के नोडल अफसरों को इस काम के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। ये नोडल अफसर अपने जिलों में कार्यरत कर्मचारियों के विवाह पंजीकरण को सुनिश्चित करेंगे और पंजीकरण की पूरी रिपोर्ट सचिव गृह को भेजेंगे।
नोडल अफसरों की जिम्मेदारी
इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू करने के लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी विभागों के मुखिया को आदेश दिए हैं कि वे अपने विभागों के नोडल अफसरों को नियुक्त करें। नोडल अफसरों की मुख्य जिम्मेदारी होगी कि वे अपने जिलों के कर्मचारियों का विवाह पंजीकरण समयबद्ध तरीके से कराएं। वे सुनिश्चित करेंगे कि सभी कर्मचारियों का पंजीकरण बिना किसी रुकावट के हो, और साथ ही वे इसका नियमित रिपोर्ट सचिव गृह को भेजेंगे।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि नोडल अफसरों को कर्मचारियों के पंजीकरण में किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना करने पर तुरंत सहायता प्राप्त करने के लिए संपर्क करना होगा। इस मामले में विभागों को किसी भी प्रकार की तकनीकी या अन्य सहायता की आवश्यकता हो तो वे निदेशक आईटीडीए (ITDA) से मदद ले सकते हैं।
आईटी सहायता की उपलब्धता
यूसीसी पोर्टल पर निर्बाध पंजीकरण सुनिश्चित कराने के लिए निदेशक आईटीडीए को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे जिलों और विभागों को आवश्यक तकनीकी सहायता प्रदान करें। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान कोई तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो, ताकि कर्मचारियों को कोई असुविधा न हो। यदि किसी विभाग या जिले को तकनीकी सहायता की आवश्यकता होगी, तो उन्हें शीघ्र समाधान प्रदान किया जाएगा।
इसके अलावा, पोर्टल पर पंजीकरण के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी अड़चनों के समाधान के लिए विभागों को नियमित मार्गदर्शन और सहायता देने के लिए एक विशेष सहायता केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह कदम सरकारी कर्मचारियों को ऑनलाइन पंजीकरण में मदद करेगा और प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाएगा।
प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश
सरकारी कर्मचारियों के विवाह पंजीकरण की इस नई पहल का उद्देश्य केवल पंजीकरण प्रक्रिया को अनिवार्य बनाना नहीं है, बल्कि इसे आसान और पारदर्शी बनाना भी है। यूसीसी पोर्टल पर पंजीकरण से न केवल सरकारी कर्मचारियों का डेटा सुरक्षित रहेगा, बल्कि इसे विभिन्न विभागों और सरकारी एजेंसियों के लिए उपलब्ध कराना भी सरल होगा। इससे सरकारी कर्मचारियों के सामाजिक और कानूनी मामलों में पारदर्शिता आएगी और अधिकारियों को संबंधित जानकारी जल्दी और आसानी से मिल सकेगी।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस निर्णय को सरकार की डिजिटल पहल का हिस्सा बताते हुए कहा कि इससे सरकारी कामकाज में दक्षता बढ़ेगी और कर्मचारियों के व्यक्तिगत मामलों को भी अधिक व्यवस्थित तरीके से संभाला जा सकेगा। इसके अलावा, सरकार का यह कदम विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के संचालन में मददगार साबित होगा, क्योंकि सभी कर्मचारी जानकारी एक केंद्रीय पोर्टल पर उपलब्ध होगी।
कर्मचारियों के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
विवाहित कर्मचारियों के लिए यह नया आदेश लागू होने के बाद, उन्हें अपनी विवाह प्रमाणपत्र और अन्य संबंधित दस्तावेजों को यूसीसी पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके अलावा, कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए विभागों से उचित मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।
यूसीसी पोर्टल के जरिए कर्मचारियों का विवाह पंजीकरण करना आसान होगा, और कर्मचारियों को किसी प्रकार की शारीरिक उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होगी। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल तरीके से की जाएगी, जिससे कर्मचारियों को अपनी सुविधा के अनुसार पंजीकरण करने की स्वतंत्रता मिलेगी।
अपर मुख्य सचिव ने दिए अतिरिक्त निर्देश
सोमवार को अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी इस संदर्भ में विस्तृत निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि पंजीकरण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी या समस्या न हो, इसके लिए विभागों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव ने विभागों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पंजीकरण समय सीमा के भीतर किया जाए और यदि कोई कर्मचारी पंजीकरण में विफल रहता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।