UTTARAKHAND : राजभवन में वसंतोत्सव 2025 का आयोजन, 7 से 9 मार्च तक होंगे विविध कार्यक्रम

देहरादून, 6 फरवरी 2025: उत्तराखंड के राजभवन में इस साल वसंतोत्सव का आयोजन सात से नौ मार्च के बीच किया जाएगा। बुधवार को राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय पर मुहर लगाई गई। राज्यपाल ने इस आयोजन को प्रदेश के पुष्प उत्पादकों और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए फायदेमंद बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वसंतोत्सव को व्यापक रूप से प्रचारित किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इस अवसर का लाभ उठा सकें।
राज्यपाल ने इस अवसर पर पुष्प उत्पादन को बढ़ावा देने और उत्तराखंड के सगंध पौधों के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनका मानना है कि इस आयोजन के माध्यम से प्रदेश में कृषि और पर्यावरणीय क्षेत्र में सशक्त कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पुष्प प्रदर्शनी को व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में काम किया जाए, ताकि प्रदेश के फूलों को न केवल राज्य बल्कि देशभर में मार्केटिंग के अवसर मिल सकें।
वसंतोत्सव का उद्देश्य
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने वसंतोत्सव के आयोजन को केवल एक सांस्कृतिक उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि उत्तराखंड के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा। उन्होंने कहा, “वसंतोत्सव का उद्देश्य सिर्फ फूलों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह प्रदेश के कृषि और पर्यावरण क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर है। इस आयोजन के जरिए हमें फूलों के उत्पादन और प्रसंस्करण के व्यवसाय को बढ़ावा देना होगा, ताकि यहां के किसानों और महिला समूहों को आर्थिक लाभ हो।”
इसके साथ ही राज्यपाल ने आयोजन में विभिन्न फूड स्टॉल्स और प्रदर्शनियों की व्यवस्था की योजना बनाई। उन्होंने कहा कि यह अवसर उत्तराखंड के सगंध पौधों, शहद उत्पादन और पारंपरिक खाद्य सामग्री को बढ़ावा देने के लिए भी एक बेहतरीन मंच साबित हो सकता है।
पुष्प प्रदर्शनी और विशेष कार्यक्रम
वसंतोत्सव में प्रमुख आकर्षण होगा एक भव्य पुष्प प्रदर्शनी, जिसमें 15 विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं के लिए कुल 162 पुरस्कारों की घोषणा की गई है। राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि इस प्रदर्शनी को पूरे प्रदेश और देश में प्रचारित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें और इसे एक राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में बदला जा सके।
इसके अलावा, वसंतोत्सव में आईटीबीपी, आईएमए, पीएसी, और होमगार्ड के आकर्षक बैंड की धुन सुनाई देगी, जो इस आयोजन को एक भव्य और यादगार अनुभव बनाएंगे। यह आयोजन राज्य के सांस्कृतिक विविधता को भी उजागर करेगा और स्थानीय प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करेगा।
फूड कोर्ट और पारंपरिक व्यंजन
राज्यपाल ने वसंतोत्सव के आयोजन में विशेष रूप से फूड कोर्ट की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। इसमें पारंपरिक उत्तराखंडी व्यंजनों को प्रमुखता दी जाएगी, जिसमें खासतौर पर मोटे अनाज (मिलेट) आधारित व्यंजन शामिल होंगे। राज्यपाल का मानना है कि इन व्यंजनों को प्रोत्साहित करने से न केवल स्थानीय कृषि को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्रीय खाद्य संस्कृति को भी संरक्षित किया जा सकेगा।
इसके अलावा, वसंतोत्सव के माध्यम से शहद उत्पादन को भी बढ़ावा देने की योजना है। राज्यपाल ने जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय को इस दिशा में एक विशेष स्टॉल लगाने के निर्देश दिए हैं, जहां शहद उत्पादन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी जाएगी और उत्पादकों को नए मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
फीडबैक सिस्टम की स्थापना
राज्यपाल ने वसंतोत्सव के आयोजन के दौरान एक प्रभावी फीडबैक सिस्टम लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से हमें यह समझने का मौका मिलता है कि जनता की क्या अपेक्षाएं हैं और हमें किस दिशा में सुधार करने की जरूरत है। फीडबैक सिस्टम से हमें आयोजन के हर पहलू का मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी, जिससे हम आगामी आयोजनों को और बेहतर बना सकेंगे।”
अधिकारियों की बैठक और आयोजन की तैयारियां
राज्यपाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में महानिदेशक होमगार्ड डॉ. पीवीके प्रसाद, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण एसएन पांडेय, अपर सचिव राज्यपाल स्वाति एस भदौरिया, मनु महाराज, दीप्ति सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। बैठक में वसंतोत्सव के आयोजन को लेकर तैयारियों का जायजा लिया गया और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि पुष्प प्रदर्शनी के आयोजन में विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि यह आयोजन न केवल राज्यभर के लोगों के लिए आकर्षक हो, बल्कि प्रदेश के पुष्प उत्पादकों और कृषि क्षेत्र के लिए लाभकारी साबित हो।
वसंतोत्सव की महत्वता
वसंतोत्सव का आयोजन हर साल उत्तराखंड में एक खास महत्व रखता है। यह न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य को प्रदर्शित करने का एक मंच है, बल्कि इसके माध्यम से स्थानीय किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक लाभ भी मिलता है। इस आयोजन में फूलों की प्रदर्शनी, स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं।
राज्यपाल गुरमीत सिंह के नेतृत्व में इस वर्ष वसंतोत्सव को और भी व्यापक बनाने की योजना बनाई गई है, ताकि यह आयोजन उत्तराखंड के कृषि और पर्यावरण क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सके। उनका उद्देश्य इस आयोजन को न केवल सांस्कृतिक दृष्टिकोण से, बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी लाभकारी बनाना है।