Uttarakhand

उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों में पदकों की झड़ी लगाई, 77 पदक के साथ प्रदर्शन जारी

राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड का शानदार प्रदर्शन जारी है। सोमवार को राज्य ने दो स्वर्ण पदकों सहित कुल 10 पदक जीते हैं, जिससे राज्य के कुल पदकों की संख्या 77 हो गई है। इस उपलब्धि में 17 स्वर्ण, 27 रजत और 33 कांस्य पदक शामिल हैं। उत्तराखंड के खिलाड़ी अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से राष्ट्रीय खेलों में राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं।

रविवार से सोमवार तक के इस शानदार प्रदर्शन में राज्य के एथलीटों ने अलग-अलग खेलों में पदक हासिल कर अपनी क्षमता और परिश्रम को साबित किया है। खासकर, 3000 मीटर रेस और जूडो में राज्य ने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

3000 मीटर रेस और जूडो में स्वर्ण पदक की झलक

उत्तराखंड की 3000 मीटर रेस की एथलीट अंकिता ध्यानी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अंकिता ने अपनी कड़ी मेहनत और मानसिक मजबूती से प्रतिस्पर्धा को मात दी, और इस खेल में राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण स्वर्ण पदक हासिल किया।

साथ ही, जूडो के सिद्धार्थ रावत ने 73 किलोग्राम पुरुष वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर उत्तराखंड के जूडो खिलाड़ियों की शानदार लकीर को आगे बढ़ाया। सिद्धार्थ ने अपने दमदार खेल से प्रतिद्वंद्वियों को मात दी और अपने राज्य को गर्व महसूस कराया।

रजत पदक की प्राप्ति: रिले रेस और पेंटाथलॉन

उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने रजत पदक भी बहुत अच्छे से जीते हैं। चार गुणा 400 मीटर रिले रेस में उत्तराखंड की टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन से रजत पदक प्राप्त किया। इस टीम में प्रखर, साहिल मलिक, अनु कुमार और प्रवीण ने अपनी भागीदारी दी और राज्य को यह अहम पदक दिलाया।

वहीं, मॉडर्न पेंटाथलॉन टीम स्पर्धा में भागीरथी रावत, आरना चौहान और श्रद्धा जोशी ने रजत पदक जीता। यह प्रदर्शन पेंटाथलॉन में उत्तराखंड की मजबूत स्थिति को दर्शाता है, और खिलाड़ियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

इसके अतिरिक्त, जूडो के प्रदीप रावत ने 73 किलोग्राम पुरुष वर्ग में रजत पदक जीता, जबकि आयुष मावड़ी ने 66 किलोग्राम पुरुष वर्ग में कांस्य पदक जीता। इन खिलाड़ियों ने अपनी कुश्ती क्षमता से यह साबित किया कि उत्तराखंड के जूडो खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपना दबदबा बनाए हुए हैं।

कांस्य पदक की भी झड़ी लगी: टेनिस, पेंटाथलॉन और साइकिलिंग में

लॉन टेनिस महिला डबल्स में दिया चौधरी और जया कपूर ने शानदार प्रदर्शन किया और कांस्य पदक जीता। इन दोनों खिलाड़ियों ने अपने समर्पण और टीमवर्क से राज्य के लिए यह महत्वपूर्ण पदक जीता।

इसके अलावा, मॉडर्न पेंटाथलॉन महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में भागीरथी रावत, मॉडर्न पेंटाथलॉन पुरुष टीम स्पर्धा में कनिष्क जोशी, अंश बिष्ट और सूर्या पटेल, और साइकिलिंग में सुनीता श्रेष्ठा ने कांस्य पदक हासिल किए। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह साबित करता है कि उत्तराखंड के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में अपनी ताकत दिखा रहे हैं।

उत्तराखंड के खिलाड़ियों का जोश और समर्पण

राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों का प्रदर्शन हर किसी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। राज्य के खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि कठिन प्रशिक्षण और कठिन संघर्ष से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। राज्य के कोच, खिलाड़ियों के परिवार और खेल संघों का भी योगदान उल्लेखनीय है, जिन्होंने इन खिलाड़ियों को इस स्तर तक पहुँचने में मदद की है।

उत्तराखंड का यह प्रदर्शन यह संकेत है कि राज्य में खेलों को लेकर बुनियादी ढांचा और संसाधन लगातार बेहतर हो रहे हैं। राज्य के युवा खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

आने वाले दिनों में उम्मीदें और संभावनाएँ

अभी भी राष्ट्रीय खेलों के कई खेलों में प्रतियोगिताएँ जारी हैं, और उत्तराखंड के खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से और अधिक पदक जीतने की उम्मीद में हैं। राज्य की यह प्रवृत्ति निश्चित रूप से आने वाले समय में और अधिक खिलाड़ियों को खेलों में भाग लेने और उच्च प्रदर्शन की प्रेरणा देगी। इसके साथ ही, यह भी उम्मीद की जा रही है कि उत्तराखंड के खिलाड़ी भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय खेलों में भी अपने राज्य का नाम रोशन करेंगे।

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