उत्तराखंड का बजट सत्र 2025-26, 18 से 24 फरवरी तक देहरादून में होगा आयोजित

देहरादून, 5 फरवरी 2025 – उत्तराखंड राज्य का बजट सत्र 2025-26 इस वर्ष 18 से 24 फरवरी के बीच देहरादून में आयोजित किया जाएगा। वित्त मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए गए हैं, जिन्हें इस बजट में प्राथमिकता दी जाएगी। इन वर्गों में व्यापारी, किसान, लघु उद्योग, शिक्षा, और अन्य सामाजिक क्षेत्र शामिल हैं।
वित्त मंत्री ने बताया कि इस बार राज्य का बजट जनहित के प्रति संवेदनशील होगा और इसे प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट में ऐसे कदम उठाए जाएंगे जो राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल करने में सहायक होंगे।
वित्त मंत्री डॉ. अग्रवाल ने बताए बजट के प्रमुख उद्देश्य
वित्त मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा, “हमने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लगभग 200 से अधिक हितधारकों से सुझाव लिए हैं। इन सुझावों को गंभीरता से लिया गया है और इनका उद्देश्य राज्य के विकास को समग्र और संतुलित रूप से आगे बढ़ाना है। हम राज्य के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के विकास की परिकल्पना को साकार करने के लिए इस बजट को आकार देंगे।”
डॉ. अग्रवाल ने यह भी बताया कि बजट में राज्य की आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, और व्यापार के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जाएंगी। इन योजनाओं में प्रमुख ध्यान यह होगा कि किस प्रकार से राज्य को आर्थिक दृष्टि से मजबूत किया जा सके, जिससे न केवल समृद्धि आए, बल्कि लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलें।
सुझावों का अहम योगदान
वित्त मंत्री के अनुसार, इस बजट सत्र के लिए राज्यभर से व्यापारी संघों, किसानों, शैक्षिक संस्थानों, लघु उद्योगों और अन्य क्षेत्रीय संगठनों से प्रतिक्रिया ली गई है। इन सुझावों में कई अहम मुद्दे सामने आए हैं, जिनमें राज्य के बुनियादी ढांचे में सुधार, शिक्षा प्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए नई योजनाएं, कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के लिए कृषि यंत्रीकरण, और राज्य के छोटे उद्योगों के लिए ऋण योजनाओं का सुधार प्रमुख हैं।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए विशेष योजना तैयार की गई है, जो किसानों को अधिक लाभ पहुंचाएगी। इसके अलावा, राज्य के छोटे और मंझले उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष वित्तीय सहायता की योजना बनाई जाएगी, ताकि राज्य में उद्योग और व्यापार का विस्तार हो सके।
जनहित को ध्यान में रखते हुए बजट की रूपरेखा
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि बजट में जनहित को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं को पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमारे बजट का मुख्य उद्देश्य राज्य के लोगों के जीवन स्तर को सुधारना है। राज्य के हर वर्ग को विकास के अवसर मिलें, यह हमारी प्राथमिकता होगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि राज्य के सबसे दूरदराज क्षेत्रों तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचे और किसी को भी विकास की प्रक्रिया से बाहर न रखा जाए।”
राज्य के छोटे गाँवों और आदिवासी क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने के लिए सरकार ने कुछ योजनाओं का मसौदा तैयार किया है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के उपायों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य में पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भी योजनाओं पर काम किया जाएगा।
विकास के लिए समग्र दृष्टिकोण
वित्त मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि उत्तराखंड का बजट राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक प्रमुख कदम होगा। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में समान रूप से विकास को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं तैयार की गई हैं। राज्य की पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं को अधिक से अधिक बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने कई रणनीतियों को तैयार किया है।
साथ ही, सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए योजनाएं बनाई हैं कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समान विकास हो। राज्य के सभी हिस्सों में बुनियादी सुविधाओं की समान उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है, ताकि राज्य समृद्ध हो और उसके नागरिकों का जीवन स्तर ऊंचा हो।
बजट से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलू
उत्तराखंड सरकार का 2025-26 का बजट उन रणनीतियों को लागू करने के लिए तैयार किया जाएगा, जो राज्य के विकास के लिए फायदेमंद हों। इसके तहत, राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, और विभिन्न शैक्षिक और तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लागू करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनके कौशल में भी सुधार होगा।
इसके अतिरिक्त, राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में योजनाएं बनाई जा रही हैं, ताकि राज्य का ऊर्जा संकट कम हो और राज्य के ग्रामीण इलाकों में बिजली की उपलब्धता बेहतर हो सके।