Uttarakhand

राष्ट्रीय खेलों में भारोत्तोलन खिलाड़ियों और कोचों को परेशानियों का सामना, प्रदर्शन पर भी असर

देहरादून, 1 फरवरी 2025: राष्ट्रीय खेलों में भारोत्तोलन के प्रतियोगिता शुरू हो चुके हैं, लेकिन इस दौरान खिलाड़ियों और कोचों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारोत्तोलन खिलाड़ियों की तैयारियों और उनके प्रदर्शन पर इन समस्याओं का गहरा असर पड़ रहा है। स्टेट वेट लिफ्टिंग एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि खेल विभाग से समन्वय की कमी के चलते खिलाड़ियों को आवश्यक प्रशिक्षण और सुविधाएं प्राप्त नहीं हो पाई हैं। इस कारण किट की कमी, आवास की समस्या और कोचों को भत्तों का भुगतान नहीं होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं, जो उनकी मानसिक स्थिति और प्रदर्शन पर भी असर डाल रही हैं।

एसोसिएशन के महासचिव की चिंता

एसोसिएशन के महासचिव राजीव चौधरी ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वह खिलाड़ियों की तैयारी में जुटे हुए हैं, लेकिन खेल विभाग के समन्वय की कमी के कारण उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। चौधरी ने बताया, “हम चार हजार रुपये प्रति दिन किराए का कमरा लेकर यहां ठहरे हुए हैं, जबकि शासन की ओर से हमारे ठहरने का कोई इंतजाम नहीं किया गया है।” इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि कोचों को भत्ते नहीं दिए गए हैं और एसोसिएशन से कोई समन्वय नहीं किया जा रहा है। इस वजह से कई खिलाड़ी अभी तक अपने किट का इंतजार कर रहे हैं।

खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद

इसके बावजूद, चौधरी ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों की तैयारियों में कोई कमी नहीं आई है। बृहस्पतिवार को हुई प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड के भारोत्तोलकों का प्रदर्शन संतोषजनक रहा। चार मुकाबलों में उत्तराखंड के खिलाड़ी सातवें या आठवें स्थान पर रहे। 55 किग्रा भारवर्ग में उत्तराखंड के खिलाड़ियों का प्रदर्शन पिछले राष्ट्रीय खेलों से बेहतर रहा है। चौधरी को उम्मीद है कि आगामी प्रतियोगिताओं में उनके सात लड़के और सात लड़कियां बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

राज्य ओलंपिक संघ की पहल

उत्तराखंड ओलंपिक संघ ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। बृहस्पतिवार को संघ के अध्यक्ष महेश सिंह नेगी ने खेल विभाग को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने राज्य के सभी खेल संघों के अध्यक्ष और सचिवों को आवासीय सुविधाएं प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने खेल विभाग से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि सभी खिलाड़ियों और कोचों को उचित सुविधाएं प्रदान की जाएं ताकि वे अपने प्रदर्शन में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें।

पहले दिन के मुकाबले में उत्तराखंड का प्रदर्शन

राष्ट्रीय खेलों के पहले दिन उत्तराखंड के अर्सलन ने 55 किग्रा पुरुष वर्ग में कुल 180 किलोग्राम वजन उठाया, और आठवें स्थान पर रहे। वहीं, 45 किग्रा महिला वर्ग में उत्तराखंड की केएम बेबी 125 किलोग्राम वजन उठाकर आठवें स्थान पर रही। 49 किग्रा महिला वर्ग में उत्तराखंड की मोनिका पाल ने 80 किग्राम वजन उठाया और सातवें स्थान पर रही। इन परिणामों के बावजूद, राज्य एसोसिएशन और खिलाड़ियों को उम्मीद है कि आगामी मुकाबलों में वे अपनी स्थिति में सुधार करेंगे।

खेल विभाग द्वारा उठाए जा रहे कदम

राष्ट्रीय खेलों जैसे बड़े आयोजन में खिलाड़ियों समेत करीब 15,000 लोग शामिल हैं, और इनकी सुविधा और व्यवस्था के लिए खेल विभाग हर स्तर पर समन्वय बनाने की कोशिश कर रहा है। खेल विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “कई जगहों से किट नहीं मिलने की शिकायतें आई हैं, लेकिन इस समस्या को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। हम हर खेल की राष्ट्रीय फेडरेशन को उनके किट और आवास प्रदान कर रहे हैं। राज्य एसोसिएशन को इन मुद्दों पर संपर्क किया जाएगा, ताकि जल्द समाधान निकाला जा सके।”

भविष्य की चुनौतियां और अपेक्षाएं

भारोत्तोलन सहित अन्य खेलों में भाग ले रहे खिलाड़ियों और कोचों को जो परेशानियां आ रही हैं, उनसे यह स्पष्ट होता है कि खेल आयोजनों के दौरान उचित समन्वय और सुविधा की कमी एक बड़ी चुनौती बन सकती है। खेल विभाग को इन समस्याओं पर जल्द ध्यान देना होगा ताकि खिलाड़ियों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। खिलाड़ियों के लिए मानसिक और शारीरिक दोनों ही तरह से सहज वातावरण जरूरी है, और इस बात को ध्यान में रखते हुए, खेल विभाग को कदम उठाने चाहिए।

साथ ही, राज्य ओलंपिक संघ की पहल और एसोसिएशन के प्रयासों से उम्मीद की जा रही है कि आगामी दिनों में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए यह भी प्रतीत होता है कि अगर उन्हें पूरी तरह से समर्थन और सुविधाएं मिलें, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ सकते हैं।

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